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https://sunderkand.vercel.app/     हिंदी दोहों और चौपाइयों में सुन्दरकांड SUNDAR KAND - HINDI DOHON AUR CHOWPAAIYON M AE   ISBN : 978-93-94660-26-7   प्रबंध कार्यालय : 516/4, बी.एल. साहा रोड, ग्राउंड क्रलोर कोलकाता - 700038 मो. : 94324-19815 ई-मेल : enterprisesaa2019@gmail.com लेखिका : शालिनी गर्ग संस्करण : 2023 मूल्य : 50/- शब्द सज्जा : परमानंद झा, मो. : 95550-21641 मुद्रक : मिश्का इन्फोटेक, कोलकाता       समर्पण   पूजनीय माताजी स्व. श्रीमती मिथलेश जी गोयल को भावपूर्ण समर्पित —शालिनी गर्ग   मन की बात मिल जाती जब प्रभु कृपा, कठिन नहीं है काज। सागर में देती लगा, रूई भी है आग।। भगवान श्रीराम जी और श्री हनुमान जी के चरणों में बारंबार वंदन। उनकी कृपा से ही मैं महान कवि तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित मानस के सुंदरकांड सोपान को जो अवधि भाषा में है, हिंदी की चौपाई, दोहों और छंद में रूपांतरित कर पाई। तुलसीदास जी का जिस चौपाई में जो भाव है मैंने वैसा ही लिखने का प्रयास किया है। ईश्वर के आशीर्वाद से ही मेरी कलम चलती गई। मेरी प्रथम पुस्तक ‘हि...