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रघुनाथ जी
का साथ है तुम फ़िक्र न करना
जन्मों कि
ये सौगात है तुम फ़िक्र न करना
दुनिया के/
अजब रंगये हमजान न पाते
अपने
ही/ हमें रोज यहाँ आँख दिखाते
इस शीश/ पे प्रभु हाथ है
तुम फ़िक्र न करना
रघुनाथ जी का साथ है तुम
फ़िक्र न करना
जन्मों कि
ये सौगात है तुम फ़िक्र न करना
आते हैं या
जाते हैं ये सुख दुख के है बादल
प्रभु राम
जी के नाम से संवारो नया कल
वो धूप में
बरसात है तुम फ़िक्र न करना
रघुनाथ जी
का साथ है तुम फ़िक्र न करना
जन्मों कि
ये सौगात है तुम फ़िक्र न करना
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