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हाँ मैं रील स्क्रोल कर रही हूँ

 

हाँ मैं रील स्क्रोल कर रही हूँ

निभाया मैने अपना रोल सारा

सजाया और सँवारा ये घर तुम्हारा

जिम्मेदारी से मुख मोडा नही है

जरूरी काम कोई छोडा नही है

फुरसत के पलो में मैं क्यूँ अखर रही हूँ

 हाँ मैं रील स्क्रोल कर रही हूँ

रास आता नहीं तुम्हे मेरा बाहर जाना,

अखरता है तुम्हें मेरा सखियों से बतियाना।

तुम्हे खलती है ये टी वी की चकचक 

बाते अब मेरी तुम्हे लगती हैं बकबक

धीरे धीरे अब खुद को बदल रही हूँ

हाँ मैं रील स्क्रोल कर रही हूँ

तुम्हारे सपने सब मेरे सपने थे,

पर मेरे.. सपने कब तुम्हारे अपने थे?

तुम्हारी खातिर भूल रही थी खुद को  

बीती गलियों से अब नही गुजर रही हूँ

हाँ मैं रील स्क्रोल कर रही हूँ

जानती हूँ ये, वेस्ट किया है टाइम

पर इतना बड़ा ये, नही है क्राइम

न चुगली की है, ना जलन का है कीडा

न मन में किसी के तानों की पीडा

बस... 'डोपामिन' का सिप भर रही हूँ

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