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ग़ज़ल सहमी सहमी सी ये फ़िज़ा क्या है?

 🌸 क़ाफ़िया -- "आ"  

🌸 रदीफ़ -- क्या है

वज़्न 2122  1212  22

1.

सहमी सहमी
सी ये फ़िज़ा क्या है?

गुज़रे लम्हे ने की ख़ता क्या है?

2.आज अपना सँवारे हम दोनो।

यूँ अकडने में फ़ायदा क्या है?

3.ग़लतियों का हिसाब जोड़ें क्यूँ?

छोड़ो इन बातों में रखा क्या है?

4.घर भी ख़ुश हो के चहचहाएगा।

 इतनी ख़ामोशी में मज़ा क्या है?

5. ज़िंदगी ख़्वाब सी भले न लगे।

  सच को जीने में अब सज़ा क्या है?

  शालिनी गर्ग

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