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राम जन्म

राम जन्म

चैत्र मास आया,  शीत मिटाया,  मंगल बेला लाया॥

दिनकर है दमका,  अवध है चहका,  नौमी शुभ दिन आया,

चंद्र-सा चेहरा,  मेघ-सा गहरा,  नयन सरोज विशाला॥

मोहक मुस्काएँ, चतुर भुजाएँ,  तेज पुंज उजियाला,

अद्भुत छवि न्यारी,  शोभा प्यारी,  प्रकटे आज कृपाला।
जन-मन हरषाए,  मंगल गाएँ, देख कौशल्या लाला॥

दशरथ सुख पाए,  भाग्य जगाए,  ब्रह्मरूप ये आला।
वसुधा बलिहारी,  पालनहारी,  जन्मा जग रखवाला॥

देवों की टोली,  खेले होली,  स्वर्ग धरा पर छाया।
मुनिवर जय गाएँ,  गौ रंभाएँ,  खग-मृग सब हर्षाया॥

मणि-हीरा-सोना,  मोती-गहना,  राजा खूब लुटाया।
हरि लीला-धारी,  आज धरा पर,  राम-रूप में आया॥

 शालिनी गर्ग

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